मधुबनी जिलाधिकारी अरविन्द कुमार वर्मा की अध्यक्षता में शनिवार देर शाम समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में शून्य से अठारह आयुवर्ग के दिव्यांग बच्चों/किशोर/किशोरियों के कल्याण हेतु संयुक्त कार्ययोजना के निर्माण के लिए बैठक आयोजित की गई।
उक्त बैठक में शून्य से अठारह आयुवर्ग के दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए उनका दिव्यांगता प्रमाणीकरण, यूडीआईडी कार्ड निर्माण, अनामंकित बच्चों को विद्यालयों में शत प्रतिशत नामांकन, उन्हें सहाय उपकरण मुहैया कराने, सुधारात्मक शल्य चिकित्सा उपलब्ध कराने, दिव्यांगत पेंशन प्रदान करने और उनके पुनर्वास सहित अन्य बिंदुओं पर चर्चा की गई। इन सभी गतिविधियों में शिक्षा विभाग के साथ साथ स्वास्थ्य विभाग, समाज कल्याण विभाग और ग्रामीण विकास विभाग की भूमिका भी तय की गई।
बैठक के दौरान उपस्थित अधिकारियों को निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि शून्य से अठारह आयुवर्ग के दिव्यांगजनो के लिए सभी प्रखंड में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अतिरिक्त अन्य प्रमुख स्थलों पर दिव्यंगता प्रमाणीकरण जांच शिविर का आयोजन किए जाएं। उन्होंने कहा कि यह शिविर दो दिनों तक संचालित किए जाएं और इसके आयोजन को लेकर व्यापक प्रचार प्रसार भी किया जाए। ताकि, आम लोगों को शिविर के आयोजन की पूर्व से जानकारी प्राप्त हो सके।
उन्होंने कहा कि इस शिविर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा गठित मेडिकल बोर्ड द्वारा दिव्यांगता प्रमाणीकरण का कार्य पूर्ण किया जाएगा, जिसके आधार पर सभी दिव्यांगजनों को उनसे संबंधित सहाय उपकरण मुहैया कराए जाएंगे। इतना ही नहीं, आवश्यकता के अनुरूप कैम्प के बाद सुधारात्मक शल्य चिकित्सा के लिए कदम उठाए जाएंगे। निर्गत किए गए दिव्यांगता प्रमाणीकरण के आधार पर उन्हें सभी सरकारी योजनाओं का लाभ प्रदान किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि दिव्यांगता के आधार पर लोग शिक्षा से महरूम न रहें, इसके लिए ऐसे सभी लोगों का विद्यालयों में नामांकन सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही समग्र शिक्षा अभियान अंतर्गत देय छात्रवृति भी प्रदान की जाएगी।
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सभी प्रमाणित दिव्यांगजनों को यूडीआईडी कार्ड निर्गत किए जाएं। इसके लिए कैंप के दौरान ही आवश्यक कागजी कार्रवाई कर ली जाएगी। सभी योग्य दिव्यांगजनों को दिव्यांगता पेंशन का लाभ प्राप्त हो, इसे सुनिश्चित किया जाए।
कार्य योजना के संबंध में उन्होंने कहा कि बिहार शिक्षा परियोजना द्वारा शून्य से अठारह आयुवर्ग के दिव्यांगजनों की प्रखंडवार सूची तैयार की गई है। परंतु, कैम्प के दौरान संबंधित इलाके के शून्य से अठारह आयुवर्ग के कोई भी दिव्यांग इसमें शामिल हो सकते हैं। यदि उनका नाम सूची में शामिल नहीं है, तो ऑन द स्पॉट उनका नाम सूची में शामिल किया जाएगा।
उन्होंने निर्देश दिया कि इस लोक कल्याणकारी कार्य को अभियान चलाकर 15 अप्रैल से 30 जून 2023 तक पूरा कर लिया जाए। इसके लिए आशा कार्यकर्ताओं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, जीविका दीदियों और शिक्षकों की भूमिका तय की गई है। इन सभी से अपेक्षा की गई है कि उनके क्षेत्र अंतर्गत कोई भी शून्य से अठारह आयुवर्ग के दिव्यांग हैं, तो आयोजित होने वाले शिविर में उनकी आवक सुनिश्चित करें। ताकि, सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उन्हें प्रदान किया जा सके।
उक्त बैठक में उप विकास आयुक्त विशाल राज, डीपीओ समग्र शिक्षा, कुंदन कुमार, एडीपीसी सर्वशिक्षा, सतीश कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
