- सरकारी विधालयो की तरह प्राइवेट स्कूलों मे भी मिले सुविधा की मांग
मधुबनी नगर के क्रिएटिव पब्लिक स्कूल के सभागार मे प्राइवेट स्कूल एंड वेलफेयर एसोसिएशन के मधुबनी इकाई की महत्वपूर्ण बैठक अध्यक्ष देवानंद झा की अध्यक्षता मे सम्पन्न हुई। बैठक मे जिले के कई स्कूल संचालकों ने भाग लिया।
आपको बता दे की इस अहम बैठक मे मुख़्य अतिथि के रूप मे मधुबनी के प्रसिद्ध नेत्र सर्जन सह शिक्षाविद डॉक्टर कुमार कृष्ण की गरिमामयी उपस्थिति रही।
डॉक्टर कुमार कृष्ण का एसोसिएशन के पदाधिकारियो द्वारा मिथिला की परंपरा के अनुसार गर्मजोशी से स्वागत किया गया।
प्रेस को संबोधित करते हूए एसोसिएशन के अध्यक्ष देवानंद झा ने कहा की हमलोग इस बीच मे परेशान हो रहे है। 2011से हमलोगों ने आरटीई एक्ट के अन्तर्गत रेजिस्ट्रेशन कराकर अपना विद्यालय चलाया है और सरकार बीच-बीच मे नया-नया प्रस्ताव पेश करती रहती हैं। अभी सरकार ने क्यू आर कोड का प्रस्ताव पेश कर दिया। इस प्रस्ताव को हमलोगों ने मान लिया और उसमे जो भी आवश्यता थी, उसे पूरा कर क्यू आर कोड लिया। अब सरकार कह रहीं हैं की यू-डाइस मे स्टूडेंट का प्रोफाइल भी दर्ज कीजिये। श्री झा ने कहा की कोरोना के बाद कई प्राइवेट स्कूलो की स्थिति नहीं सुधरी हैं। सरकारी स्कूलों मे सरकार कई प्रकार की सुविधा देती हैं। इसके बावज़ूद प्राइवेट स्कूलो के बच्चे कई प्रतियोगिता परीक्षाओं मे बेहतर परिणाम दे रहे हैं। श्री झा ने सरकार सें मांग किया हैं की सरकारी स्कूलो मे जो सुविधा सरकार दे रहीं हैं, वहीं सुविधा प्राइवेट स्कूलों को भी सरकार उपलब्घ करावें।
वहीं प्रसिद्ध नेत्र सर्जन सह शिक्षाविद डॉक्टर कुमार कृष्ण ने कहा की कामना करता हूँ की यह एसोसिएशन अपने नैतिक मूल्यों को निभाते हूए हमारे मधुबनी जिला के बच्चों के प्रति अपने कर्तव्यपरायणता का बोध कराते रहे। वहीं एसोसिएशन के उपाध्यक्ष ब्रह्मदेव यादव ने कहा की जब तक सरकार प्राइवेट स्कूलों को सरकारी स्कूलों मे दी जा रही सुविधा उपलब्घ नहीं कराएगी, तब तक यू डाइस पर बच्चों का डाटा नहीं लोड करेंगे।
एसोसिएशन के सचिव गुड्डू सिंह ने कहा की सरकार की यह दोहरी नीति हैं, जिसका अब विरोध करेंगे और सरकार का डटकर सामना करेंगे। उन्होंने कहा की सबका साथ-सबका विकास के तर्ज पर समाज को मुख़्य धारा मे जोड़कर कार्य पूरी निष्ठा सें करूंगा।
इस मौके पर कोषाध्यक्ष श्रवण महतो,निदेशक नीरज झा,राजेश जी,गंगा बाबू,मनोज सिंह,मनोज श्रीवास्तव,विनोद जी,किशोर जी,मुरलीधर सिंह समेत कई अन्य मौजूद थे।
