मधुबनी जिले के जयनगर में संविधान निर्माण बाबा साहब डॉ. भीम राव अंबेडकर के अवसर पर शुक्रवार को जयनगर के शहीद चौक स्थित अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति विकास मंच कार्यालय पर डाॅ. भीमराव अंबेडकर जयंती सह सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। नगर पंचायत के मुख्य पार्षद कैलाश पासवान की अध्यक्षता व गणेश पासवान के संचालन में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि बाबा साहेब संविधान निर्माता हैं। उनके आदर्श महान हैं। जिसके कारण जब,15 अगस्त 1947 को भारत को स्वतंत्रता मिलने के बाद कांग्रेस के नेतृत्व वाली नई सरकार अस्तित्व में आई। अम्बेडकर को देश के पहले क़ानून एवं न्याय मंत्री के रूप में सेवा करने के लिए आमंत्रित किया, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया। 29 अगस्त 1947 को आम्बेडकर को स्वतंत्र भारत के नए संविधान की रचना के लिए बनी संविधान की मसौदा समिति के अध्यक्ष पद पर नियुक्त किया गया। संविधान निर्माण के कार्य में आम्बेडकर का शुरुआती बौद्ध संघ रीतियों और अन्य बौद्ध ग्रंथों का अध्ययन भी काम आया।अम्बेडकर एक बुद्धिमान संविधान विशेषज्ञ थे। उन्होंने लगभग 60 देशों के संविधानों का अध्ययन किया था। अम्बेडकर को भारत के संविधान का पिता के रूप में मान्यता प्राप्त है।
इस कार्यक्रम को झंझारपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद रामप्रीत मंडल, जयनगर एसडीओ बेबी कुमारी, एसडीपीओ विप्लव कुमार, मुख्य पार्षद कैलाश पासवान, खजौली प्रमुख उषा देवी, कार्यपालक पदाधिकारी डॉ. इंद्र कुमार मंडल,सीओ सुधीर कुमार, थानाध्यक्ष अमित कुमार, उप मुख्य पार्षद माला देवी, प्राचार्य प्रो. नंद कुमार,हीरा मांझी, उमेश यादव, जदयू प्रखंड अध्यक्ष राज कुमार सिंह, विनय कुमार सिंह, मुनीन्द्र दास एवं हरिहर महरा समेत अन्य मौजूद थे।
इसी क्रम में शहीद चौक स्थित अंबेडकर स्मारक पर बाबा साहब डॉ भीम राव अंबेडकर के प्रतिमा पर माल्यार्पण किया ।
सम्मान समारोह के अवसर पर सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए
इंटर और मैट्रिक परीक्षा में प्रथम स्थान पर प्राप्त करने वाले दर्जनों छात्रों को शील्ड और मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया है।

