प्रत्येक वर्ष जिला के सबंधित क्षेत्रों के स्वास्थ्य पदाधिकारियों व सिविल सर्जन और स्वास्थ्य विभाग के माफिया वकील पूर्वे के गठजोड़ से अवैध स्वास्थ्य संस्थानों से करते है लाखों रुपया के अवैध वसूली :- भूषण सिंह
प्रत्येक वर्ष निजी उगाही के ख्याल से स्वास्थ्य विभाग के द्वारा उक्त प्रकार का अभियान चलाते और स्वास्थ्य माफिया के मिलीभगत से निजी स्वार्थ सिद्ध कर इसी तरह मामला को किया जाता है रफा-दफा :- भाकपा-माले
मधुबनी जिले के जयनगर थाना क्षेत्र के दर्जनों अवैध स्वास्थ्य संस्थानों के संचालकों से लाखों रुपया लेकर रफादफा करने वाले जयनगर अस्पताल के उपाधीक्षक कुमार रौनित एवं तत्कालीन सिविल सर्जन सुनील कुमार झा व सिविल सर्जन कार्यालय के कर्मी वकील पूर्वे के उपर भाकपा-माले ने जिलाधिकारी, मधुबनी से कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।
उन्होंने बताया कि जांच-पड़ताल के बाद आवश्यक कार्रवाई करने की जिलाधिकारी मधुबनी अरविन्द कुमार वर्मा ने आश्वासन दिए थे, लेकिन अभी तक कार्रवाई नही होने पर पुनः जिलाधिकारी, मधुबनी को ध्यानाकर्षण पत्र ई-मेल से समर्पित किया गया है।
जन शिकायत के आलोक में भूषण सिंह प्रखंड सचिव भाकपा-माले जयनगर के द्वारा जिलाधिकारी मधुबनी अरविन्द कुमार वर्मा को दिए गए आवेदन में उन्होंने कहना की तत्कालीन सिविल सर्जन मधुबनी सुनील कुमार झा के ज्ञापांक संख्या-2454 एवं 2455 दिनांक-26/08/2022 के अलोक में जयनगर क्षेत्र के अंतर्गत अवैध रूप से संचालित होने वाली नर्सिग होम एवं जाँच घर और लैव पर अनुमंडल अस्पताल जयनगर के उपाधीक्षक कुमार रौनित के नेतृत्व में वर्ष अगस्त 2022 को अवैध 11 नर्सिग होम 16 लेवरेटरी जाँच घर कुल 27 स्वास्थ्य संस्थानों को 24 घंटा के अंदर बंद कराते हुए स्थानीय थाना में प्राथमिकी दर्ज करने तथा सभी संस्थानों से 50-50 हजार रुपया अर्थदंड वसूली करना था। लेकिन उपाधीक्षक कुमार रौनित के द्वारा उक्त अवैध स्वास्थ्य संस्थानों के संचालकों से लाखों रुपया लेकर मामला को रफादफा करने का काम किए है, जिसके कारण जयनगर अनुमंडल क्षेत्रों में अवैध स्वास्थ्य संस्थान तेजी से फलफूल रहा है, जिसका नुकसान आम लोगों को भुगतना पड़ता है। ज्ञात हो की उक्त संबंध में अनुमंडल अस्पताल जयनगर के उपाधीक्षक कुमार रौनित के द्वारा पत्रांक-38,दिनांक- 02/03/2023 के तहत अधुरा सूचना उपलब्ध कराया गया, जिसमे पूर्ण सूचना सिविल सर्जन मधुबनी से प्राप्त करने की बात कहा गया है। जबकि तत्कालीन सिविल सर्जन सुनिल कुमार झा से इस संबंध में सूचना अधिकार के तहत मांग की गई सूचना के अलोक में पत्रांक संख्या-2811 दिनांक-26/09/2022 द्वारा प्राप्त कराई गई सूचना में किसी भी प्रकार की अवैध स्वास्थ्य संस्थानों पर कार्रवाई नही होने की पुष्ठी किए है। जबकि तत्कालीन सिविल सर्जन सुनील कुमार झा के मौजूदगी में पुरे जिले वर्ष 2022 में दर्जनों अवैध स्वास्थ्य संस्थानों पर छापामारी कर कार्रवाई करने की बाते विभिन्न समाचार पत्रों में अगस्त 2022 को प्रकाशित हुआ था। सभी अवैध संस्थानों संबंधित क्षेत्रो के स्वास्थ्य पदाधिकारियों एवं सिविल सर्जन तथा सिविल सर्जन मधुबनी के कार्यालय में कई वर्षो से अवैध रूप से कार्यरत व कुंडली मारकर बैठे ‘’स्वास्थ्य माफिया वकील पूर्वे’’ के माध्यम से मामला को रफादफा किया गया है। यह सिलसिला प्रत्येक वर्ष उक्त प्रकार के अभियान चलाते हैं, और निजी स्वार्थ सिद्ध कर मामला को रफा-दफा करते हैं, जिसके कारण अवैध स्वास्थ्य संस्थान चलाने वाले संचालकों का हौसला बुलंद है।
आवेदन के आलोक में जिलाधिकारी मधुबनी अरविन्द कुमार वर्मा ने जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई करने कि आश्वासन दिए थे, लेकिन एक महीना से उपर हो जाने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर पुनः जिलाधिकारी मधुबनी को ई-मेल के माध्यम से ध्यानाकर्षण आवेदन पत्र समर्पित किया गया है।
इस सबंध तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी जयनगर बेबी कुमारी से भी कार्रवाई हेतु आवेदन दिया गया था, उन्होंने आवेदन के आलोक में आपने पत्रांक संख्या-106 दिनांक-4/3/2023 के तहत आवेदन के आलोक में सिविल सर्जन मधुबनी से प्रतिवेदन की मांग किया गया था और प्रेस रिलीज के साथ आवेदन एवं आरटीआई के तहत प्राप्त की गई सूचना संलग्न हैं।
