अग्नि सुरक्षा सप्ताह के अंतर्गत आज सूचना जनसंपर्क विभाग, बिहार सरकार से सूचीबद्ध सांस्कृतिक संस्था, जन जागरण युवा समिति, मधुबनी द्वारा नूर चक चौक, बिस्फी, मध्य विद्यालय मधवापुर एवं उच्च विद्यालय हरलाखी में नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया।
वहीं दूसरी ओर संगीत एवं ललित कला समिति, मधुबनी द्वारा बाबूबरही, अंधराठाढ़ी, खुटौना प्रखंड कार्यालय के निकट प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचल अधिकारी के निर्देशानुसार गीत-संगीत एवं नुक्कड़ नाटक के द्वारा अग्निसुरक्षा एवम हीटवेव से बचाव की जानकारी दी गई।
मधुबनी जिलाधिकारी अरविन्द कुमार के निर्देशानुसार जिले में भीषण गर्मी,लू से बचाव एवं अगलगी की घटनाओं पर काबू करने को लेकर जन जागरूकता हेतु दो नुक्कड़ नाटक दलों को जागरूकता हेतु प्रतिनियुक्त किया गया है।
मौके पर उपस्थित लोगों को नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लू से बचाव और अगलगी की घटनाओं की रोकथाम के लिए जागरूक किया जा रहा है, साथ ही विद्यालयों में बच्चों को जागरूक किया जा रहा है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से और जीविका दीदियों के माध्यम से गांव गांव में जागरूकता फैलाई जा रही है।
इस परिप्रेक्ष्य में जिले के सभी प्रखंडों के प्रमुख भीड़-भाड़ वाली जगहों पर लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
अगलगी की घटनाओं के कारणों पर बोलते हुए नुक्कड़ नाटक टीम के बिरजू कुमार मिश्रा ने कहा कि अकसर लोग बीड़ी-सिगरेट पीने के बाद उसे बिना बुझाए हुए घास पतवार में फेंक देते हैं। धीरे-धीरे वह अगलगी की घटना का रूप ले लेती है। उन्होंने कहा कि बढ़ती गर्मी को देखते हुए इन दिनों दिन में खाना बनाने से बचना चाहिए। सुबह आठ बजे से पूर्व और शाम छह बजे के बाद ही चूल्हा जलाना चाहिए। कलाकारों ने कहा कि संभावित अगलगी की घटना के मद्देनजर सावधानी बरतने की जरूरत है। ऐसे में खाना बनाने वाली जगहों पर ज्वलनशील पदार्थ एकत्रित कर न रखें, साथ ही बाल्टी में पानी अवश्य रखें।
बढ़ती गर्मी से लू चलने से आज कल दिन में अत्यधिक धूप रहती है। ऐसे में कलाकारो ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि जहां तक संभव हो दिन में 11 बजे से 04 बजे तक घर से न निकलें। मौसमी फलों और पानी का लगातार सेवन करते रहें।
वहीँ, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी परिमल कुमार ने कहा कि नुक्कड़ नाटक टीम सभी प्रखंडों के हाट-बाजारों एवं भीड़-भाड़ वाले स्थानो पर प्रदर्शन करेगे एवं अपने गीत-संगीत एवं नुक्कड़ नाटक के द्वारा लोगो को जागरूक करेगे।
