मधुबनी जिलाधिकारी अरविन्द कुमार वर्मा द्वारा समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में जिले भर से आए परिवादियों से मुलाकात की गई और न केवल उनकी शिकायतों को सुना बल्कि सबंधित अधिकारियों को त्वरित निष्पादन का निर्देश भी दिया गया।
बताते चलें कि प्रत्येक सप्ताह शुक्रवार को जनता के दरबार में जिलाधिकारी कार्यक्रम के आयोजन के मौके पर जिलाधिकारी सभी परिवादियों से मुलाकात करते हैं और उनकी शिकायतों के निपटारे के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश भी देते हैं। इस परिप्रेक्ष्य में आज कुल 93 परिवादी अपनी शिकायतों के साथ आए थे।
हमेशा की तरह सबसे अधिक शिकायतें भूमि विवाद से संबंधित रहीं। वहीं, कई लोग अपनी निजी समस्यायों के निराकरण हेतु भी आए थे।
जिले के वरिष्ठ नागरिक संघ के शिष्टमंडल द्वारा मधुबनी नगर निगम से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों की तरफ जिला पदाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराया गया। साथ ही स्थानीय वाटसन स्कूल के संरक्षण को लेकर भी कई मांग रखी गई। फुलपरास प्रखंड के नवटोल के रहने वाले राम नारायण यादव ने आरोप लगाया कि गांव के दबंगों द्वारा भूदान में प्राप्त उनकी जमीन को जबरन दखल किया जा रहा है। लदनिया प्रखंड के ग्राम पंचायत राज पद्मा के राम प्रसाद सिंह ने जिलाधिकारी से निवेदन करते हुए कहा की पंचायत की सड़क को अतिक्रमण से मुक्ति मिल गई है। अब उसके पुनर्निर्माण की जरूरत है। बासोपट्टी प्रखंड के ग्राम पंचायत राज बासोपट्टी पूर्वी में के निवासी नथुनी महतो द्वारा बताया गया कि उनकी पंचायत में मनरेगा में बड़े स्तर पर अनियमितता की गई है। जिलाधिकारी ने इस संबंध में जिला स्तरीय टीम गठित कर जांच करने के निर्देश दिए हैं। प्रखंड फुलपरास के ग्राम पंचायत राज धर्मडीहा के वार्ड नंबर 10 के वार्ड सदस्य सोनेलाल मंडल द्वारा आरोप लगाया गया कि उनकी पंचायत के पूर्व के वार्ड क्रियान्वयन प्रबंधन समिति द्वारा नल जल योजना में गड़बड़ी की गई है। जयनगर के बस्ती पंचायत के रहने वाले अरविंद कुमार सिंह एवं अन्य लोगों ने गुहार लगाई है कि जयनगर के वार्ड नंबर 2 में नाला के निर्माण की अत्यंत आवश्यकता है। नाले के अभाव में लोगों को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, पंडौल प्रखंड के उप प्रमुख दीपक कुमार साह द्वारा पंचायत समिति की बैठक व योजनाओं के चयन में सरकारी दिशानिर्देशों के उल्लंघन की शिकायत की गई है।
जिलाधिकारी द्वारा आए हुए सभी परिवादियों से बारी बारी सारी शिकायतें सुनी गई और उनके परिवाद के निवारण हेतु आवश्यक निर्देश भी दिए गए।
