मधुबनी।
आज मंडल कारा, मधुबनी के प्रांगण में कैदियों के बीच मिथिला कला विकास समिति द्वारा जैविक खाद बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। यह प्रशिक्षण मिथिला कला विकास समिति के सचिव मनोज कुमार झा द्वारा दिया गया। श्री झा ने कैदियों को संबोधित करते हुए जैविक खाद का उपयोग और बाजार मूल्य बाजार की उपलब्धता और महत्व को समझाया साथ में जैविक खाद का निर्माण कैसे किया जाएगा, किन-किन सामग्रियों का इस्तेमाल होगा और इससे आपको क्या फायदा होगा बताया गया। श्री झा ने कैदियों को कहा जब आप मंडल कारा से बाहर निकलेंगे, तो आपको रोजगार की तलाश नहीं करनी पड़ेगी। आपके हाथ में हमेशा रोजगार होगा। आजकल जैविक खाद की डिमांड बहुत है, जो छोटी सी जगह में आप तैयार कर सकते हैं। संस्था का एक कदम स्वावलंबन की ओर प्रोग्राम के तहत या प्रशिक्षण दिया गया। कैदियों को जब बाहर जाते हैं, तो समाज के मुख्यधारा में समायोजन करना मुश्किल होता है। लेकिन आपके पास सरकार के द्वारा चलाया गया कुटीर उद्योग लघु उद्योग के लिए आसानी से कर्ज की योजना है, जिसको प्राप्त कर आप आसानी से आत्मनिर्भर हो सकते हैं और दोबारा कारा में नहीं आना पड़े, इसके लिए समाज में आर्थिक क्षमता होनी बहुत जरूरी है, जो आप इसे तैयार कर सकते हैं। मिथिला कला विकास समिति का यह मिशन स्वाबलंबन एक कदम स्वाबलंबन की ओर कई जिलों में पुरुष कैदी और महिला कैदी के बीच चलाया जा रहा है। मंच पर उपस्थित मंडल कारा अधीक्षक जलज कुमार ने संस्था सचिव का स्वागत करते हुए कैदियों को अपने परिवार की तरह समझना ही लक्ष्य उन्होंने कैदियों को संबोधित करते हुए कहा आप जिस क्षेत्र में अभिरुचि है, आप बताएं हम उसका प्रशिक्षण की व्यवस्था करेंगे। उन्होंने संस्था को धन्यवाद दिया और इस तरह का योजना चलाने के लिए लगातार प्रयास किया जाएगा। जेल के कैदी हमारे परिवार की तरह हैं, हम चाहेंगे हमारा परिवार जब यहां से बाहर जाए, तो वह पूर्ण रोजगार में हो आर्थिक संपन्न हो और उसके हाथ में कुछ ले कर जाने की उत्साह हो या प्रशिक्षण त्रैमासिक है। इसके बाद आपको प्रमाण पत्र दिया जाएगा, जिससे आप बाहर जाने के बाद आसानी से बैंक लोन लेकर अपना रोजगार कर सकते हैं। उन्होंने कई और योजनाओं पर भी प्रकाश डाला। संस्था से उपस्थित प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर राहुल कुमार लगातार निरीक्षण करते रहेंगे और इसका और इस कार्य को जेल प्रबंधक रवि रंजन देखरेख करेंगे, इसके लिए लगभग 200 कैदी अभिरुचि दिखाए हैं। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम हर 3 महीने पर चलता रहेगा। अंत में संस्था सचिव मनोज कुमार झा ने सभी का अभिवादन किया और आगे भी कैदियों के बीच रोजगार के लिए कई प्रशिक्षण कार्यक्रम करेंगे।
