राजनगर,मधुबनी।
भारत सरकार के अधीन कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के केंद्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन केंद्र पटना द्वारा मधुबनी जिले के राजनगर प्रखंड अंतर्गत सहसपुर पटवारा दक्षिण पंचायत में चलाये जा रहे दो दिवसीय आईपीएम प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल समापन किया गया।
इस दौरान बिहार सरकार के कृषि विभाग से विशिष्ट अतिथि राकेश कुमार, जिला उद्यान पदाधिकारी एवं राम कुमार मिश्रा, प्रखंड कृषि पदाधिकारी एवम पंचायत के मुखिया मनोज कुमार पासवान मौजूद रहे। कार्यक्रम के पहले दिन केंद्र के प्रभारी अधिकारी सुनील सिंह, पौधा संरक्षण अधिकारी द्वारा आईपीएम के महत्व, आईपीएम के सिद्धांत एवं उसके विभिन्न आयामों के बारे में, कीटनाशकों के सुरक्षित एवं संतुलित इस्तेमाल, मनुष्य पर होने वाले कीटनाशकों का दुष्प्रभाव एवं निर्यात को बढ़ावा देने के लिए कृषि फसलों में रसायनों के अधिकतम अनुमेय अंश के संबंध में जानकारी दी गई।
वहीं, प्रभारी अधिकारी सुनील सिंह द्वारा मिट्टी जांच एवं मृदा तत्वों की आवश्यकता एवं रासायनिक उर्वरकों के इस्तेमाल में कार्बन की मात्रा बढ़ाने पर एवं जैव उर्वरक तथा फसल चक्र को अपनाने पर जोर दिया। राकेश कुमार, जिला उद्यान पदाधिकारी द्वारा सूक्ष्म सिंचाई, मल्चिंग का इस्तेमाल, परंपरागत खेती के बारे में जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान केंद्र के कुलदीप कुमार द्वारा धान एवं सब्जियों में लगने वाले विभिन्न रोग व्याधि के बारे में विस्तार से बताया गया। येलो स्टिकी, ब्लू स्टीकी, फेरो मैन ट्रैप, फल मक्खी जाल लाइट ट्रैप के उपयोग के बारे में बताया गया। राजेश कुमार द्वारा बीज उपचार का प्रदर्शन, चूहे का प्रकोप एवं नियंत्रण और फॉल आर्मी बर्म के प्रबंधन, कीटनाशकों के लेवल एवं कलर कोड के बारे में तथा मित्र एवं शत्रु कीटों की पहचान के बारे में बताया गया।
वहीं, आर.पी. सिंह द्वारा नीम आधारित एवं अन्य वनस्पति कीटनाशक के महत्व एवं उपयोग के बारे में बताया। कार्यक्रम के दौरान केंद्र के अधिकारियों द्वारा आईपीएम प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया, जिसमें आईपीएम के विभिन्न आयामों का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम के दूसरे दिन केंद्र के प्रभारी अधिकारी द्वारा बताया गया कि कार्यक्रम के दूसरे दिन केंद्र के प्रभारी अधिकारी सुनील सिंह द्वारा कृषि परिस्थितिकी तंत्र विश्लेषण के विषय में बताया गया एवं किसानों को प्रक्षेत्र भ्रमण कराकर फसली खेतों में मित्र एवं शत्रु कीट की पहचान कराई गई। केंद्र के राजेश कुमार द्वारा किसानों को किसान सुविधा ऐप के इस्तेमाल के साथ अन्य डिजिटल माध्यमों से फसल सुरक्षा के उपयोग को बढ़ावा देने के बारे में बताया गया। विभाग द्वारा कीटनाशकों के इस्तेमाल के समय बरती जाने वाली सावधानियों के विषय में बताया एवं प्रदर्शन करके दिखाया गया। कार्यक्रम में सुनील सिंह द्वारा फसलों में खरपतवारो के प्रकोप एवं प्रबंधन के बारे में बताते हुए खरपतवारनासी के समुचित इस्तेमाल की परंपरागत तरीकों से खरपतवार प्रबंधन करने के विषय में बताया गया। कार्यक्रम के दौरान चलचित्र के माध्यम से भी मित्र एवं शत्रु कीटो की पहचान कराई गई तथा कीटनाशकों के दुष्प्रभाव के बारे मे जानकारी दी गई। केंद्र के प्रभारी अधिकारी द्वारा बताया गया किसानों की कृषि की लागत कम करने एवं वातावरण जल एवं मृदा तथा मानव को स्वस्थ बनाए रखने के लिए आईपीएम को अपनाना ही एकमात्र उपाय है। कार्यक्रम के दौरान कृषि विभाग के कृषि समन्वयक विद्या नंद साहू, अमित कुमार, विकास कुमार रजक एवं अंकित कुमार मौजूद रहे। कार्यक्रम में पचास से अधिक प्रगतिशील किसानों को प्रशिक्षण दिया गया।
