बिहार ग्राम रक्षा दल के प्रदेश अध्यक्ष रामप्रसाद राउत ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि भारत-नेपाल के सीमा पर अवस्थित जयनगर प्रखंड विकास की रोशनी से कोसों दूर है। आजादी के वर्षों बाद भी ग्रामीण सड़कों की खस्ता हाल देखकर आज भी 18वीं सदी की याद दिलाता है। सड़क बनता है, लेकिन गुणवत्तापूर्ण सड़कों का निर्माण नहीं होने से सही रूप में विकास नहीं हो रहा है। जयनगर प्रखंड में ग्रामीण कार्य विभाग कार्य प्रमंडल के द्वारा भले ही सड़कों का जाल बुनकर जितना सुनहरा तस्वीर पेश किया हो, लेकिन सड़कों की हालात देखकर लगता है कि सरकारी पैसे को दुरुपयोग करते हुए जमकर लूटा जा रहा है। एक ही जगह कनीय एवं सहायक अभियंता सरकारी आदेशों की धज्जियां उड़ाते हुए वर्षों से जमे हुए हैं और जो सड़क माफिया हैं, उनका चहेते बंद कर राज कर रहे हैं। ऊपर से नीचे तक भ्रष्टाचार की गंगोत्री बह रही है, लगता ही नहीं है कि इस विभाग का कोई देखने सुनने वाला भी है। वैसे कीचड़ में भी कमल खिलता है। वर्तमान कार्यपालक अभियंता सड़क निर्माण एवं जर्जर सड़कों के जीर्णोद्धार के प्रति समर्पित है।
उन्होंने बताया कि जयनगर प्रखंड के बैरा पंचायत में उच्च विद्यालय एवं मदरसा के निकट लगभग 10 वर्षों से 300 मीटर में जल निकासी नहीं होने के कारण अत्यंत ही नारकीय स्थिति बना हुआ था। आए दिन दुर्घटनाएं भी होती रहती है, जो सर्वविदित है। कोई भी जनप्रतिनिधि सड़कों के निर्माण के प्रति रुचि नहीं दिखाई, जिसके फलस्वरूप बैरा पंचायत की काफी बदनामी हो रही थी।
सामाजिक कार्यकर्ता सह ग्राम रक्षा दल के प्रदेश अध्यक्ष राम प्रसाद राउत इस नारकीय सड़कों के प्रति रुचि ही नहीं दिखाई, वल्कि बिहार के मुख्यमंत्री, जिला पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी, ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता एवं तमाम इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया कर्मियों का ध्यान को आकृष्ट किए। तब जाकर जिला पदाधिकारी, मधुबनी के द्वारा ग्रामीण कार्य विभाग कार्य प्रमंडल जयनगर के कार्यपालक अभियंता को नारकीय सड़कों को देखने का निर्देश ही नहीं दिए, बल्कि त्वरित गति से सड़क निर्माण कर यातायात बहाल करने का भी निर्देश दिया गया। तत्पश्चात ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता अपने स्तर से उक्त नारकीय सड़क को निरीक्षण कर सामाजिक कार्यकर्ता राम प्रसाद राउत को भरोसा दिलाते हुए कहा कि 19 सितंबर से सड़कों का निर्माण शुभारंभ करा दिया जाएगा।
इस बाबत श्री राउत के द्वारा संबंधित विभाग के पदाधिकारी को आवेदन देकर चेतावनी दिया गया था, कि यदि एक सप्ताह के अंदर सड़कों का जीर्णोधार नहीं कराया जाता है, तो 16 सितंबर को ग्रामीण कार्य विभाग कार्य प्रमंडल जयनगर कार्यालय का घेराव करेंगे।
श्री राउत के द्वारा घोषित कार्यक्रम के आलोक में ग्रामीण कार्य विभाग कार्य प्रमंडल कार्यालय पर सांकेतिक घेराव के माध्यम से बिल्कुल ही गांधीवादी तरीके से गुलाब फूल के साथ कार्यपालक अभियंता को निम्नलिखित 12 सूत्री सड़कों का जीर्णोद्धार से संबंधित मांग पत्र समर्पित किए, जो इस प्रकार है :-
1). ग्रामीण कार्य विभाग कार्य प्रमंडल जयनगर इकरारनामा नंबर-68 एमबीडी2021/22 एमआर30546 को अविलंब पीसीसी ढलाई कर यातायात बहाल किया जाए।
2). गंगाराम यादव घर से सुरियाही कुर्मी टोल होते हुए बोकारा में स्थान तक पक्की सड़क निर्माण कराई जाए।
3). डॉक्टर कारी यादव के घर से लेकर तारा टोल बरही तक पक्की सड़क निर्माण कराई जाए।
4). वीर बहादुर पंडित बैरा चौक से ईदगाह टोला, सुरीयाही टोला होते हुए सिराही तक पक्की सड़क निर्माण कराई जाए।
5). परसा से रजौली तक अधूरा सड़क को पूरा किया जाए।
6). जयनगर से ब्राह्मण टोल होते हुए गोबराही, सिगराही, कोराहिया भाया खजौली तक जर्जर सडक को अभिलंब जीर्णोद्धार कराया जाए।
7). सिगराही चौक से कोरहिया सीमा तक सड़क को जीर्णोद्धार कराई जाए।
8). पिपरा टोल से लेकर लश्करिया तक अधूरा सड़क को पूरा किया जाए।
9). आराहा चौक से आरहा गांव तक सड़क निर्माण कराई जाए।
10). हटलेटबा से आरहा एसएसबी कैंप तक सड़क निर्माण कराई जाए।
11). बेला बांध से हाजरा टोल तक सड़क निर्माण कराई जाए।
12). गांव में योगेंद्र यादव घर से जगबीर यादव घर तक सड़क निर्माण कराए जाए।
इस मौके पर रामप्रसाद राउत के नेतृत्व में राजेंद्र यादव, नोमान रजा, दिनेश कुमार पासवान, मोहम्मद समसुल, धनेश्वर यादव, मोहम्मद ओजैर, कृष्ण कुमार पंडित, श्याम कुमार पासवान, नारायण पासवान, नवीन कुमार, सूरज कुमार, द्वारका प्रसाद, मोहम्मद शहजाद, शेख जुम्मन, शेख सिराजुल इत्यादि लोगों ने प्रतिनिधिमंडल में सम्मिलित होकर 12 सूत्र मांग पत्र समर्पित किया।
