- 60 दिनों तक मिशन मोड में होगा कार्य
-राज्यस्तरीय टीम के दो सदस्यों ने अस्पताल का लिया जायजा
मधुबनी जिला अस्पताल में मरीजों को 247 यानी सातों दिन चौबीस घंटे चिकित्सकीय सेवा उपलब्ध कराने के लिए मिशन मोड में कार्य किया जा रहा है। इसके तहत दो सदस्यीय राज्य स्तरीय टीम द्वारा दो दिनों से अस्पताल का निरीक्षण किया गया, जिस क्रम में बुधवार को सिविल सर्जन के कार्यालय कक्ष में सदर अस्पताल का जायजा लेने के बाद राज्य स्तरीय टीम द्वारा समीक्षा बैठक की गई। बैठक में राज्य स्तरीय टीम द्वारा लेबर रूम, इमरजेंसी, ओपीडी, एसएनसीयू में तत्काल पीने के पानी की व्यवस्था सुदृढ़ करने का निर्देश अस्पताल प्रबंधक को दिया गया। इसके अलावा प्रवेश द्वार सहित अन्य जगहों पर मिशन मोड में लाइटिंग व्यवस्था उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। ओपीडी एवं वार्ड में भर्ती मरीजों के लिए शौचालय सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। प्रसव कक्ष के चिकित्सक कक्ष में एसी लगाने का निर्देश दिया। सभी वार्डों में रात्रि कालीन सेवा में भी स्टाफ नर्स एवं चिकित्सकों को का रोस्टर बनाकर मरीजों को 247 सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। प्रत्येक वार्डों में रात्रि कालीन सेवा के तहत एमबीबीएस चिकित्सकों की तैनाती करने का भी निर्देश दिया। राज्य स्तरीय टीम में शामिल राज्य लेखा प्रबंधक मनोज कुमार साफी ने कहा कि अस्पताल परिसर में 55 इंच का टीवी डिस्प्ले लगाया जाएगा, जिसके माध्यम से चिकित्सकों, स्टाफ नर्स, दवा की उपलब्धता सहित आने जाने वाले मरीजों की मॉनिटरिंग की जाएगी. इसकी मॉनिटरिंग राज्य स्तर से भी की जाएगी। सिविल सर्जन ने कहा कि सदर अस्पताल के इमरजेंसी एवं ओपीडी में में मानक के अनुरूप दवा की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश अस्पताल प्रबंधक को दिया गया है। उन्होंने कहा कि मरीजों को सभी प्रकार की दवा अस्पताल में ही उपलब्ध होगी। इसके अलावा उन्हें मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध करायी जाएगी। जिला अस्पताल के सुदृढ़ीकरण एवं 24×7 स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित कराने के लिए 60 दिनों का वक्त दिया गया है। इस दौरान मिशन मोड में सभी स्वास्थ्य अधिकारियों को कार्य करने का निर्देश दिया गया गया है। जिला अस्पताल में क्लीनिकल तथा अन्य सपोर्टिव सेवाओं के लिए कमियों को चिह्नित कर इसमें बदलाव लाने के उद्धेश्य से मूल्यांकनकर्ताओं व मेनटर्स की टीम गठित की गई है। टीम ने इमरजेंसी विभाग में दवा की उपलब्धता शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने व साफ-सफाई बेहतर करने का निर्देश दिया।
24x 7 की तर्ज पर मिलेगी आपातकालीन सेवा:
जिला अस्पताल में सप्ताह के सातों दिन 24x 7 की तर्ज पर आपातकालीन सेवा, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से संबंधित सभी सेवाएं, सर्जरी व आर्थोपेडिक विभाग की प्रमुख सर्जरी आरंभ करना तथा ओपीडी को सुचारू रूप से कार्य करना सुनिश्चित किया जाएगा. इसके अलावा डायलिसिस, रेफरल एवं एंबुलेंस, डायग्नोस्टिक जैसे एक्स-रे, सीटी स्कैन, आरटीपीसीआर समेत अन्य जांच की सुविधाएं और काउंसिलिंग तथा नियत समय पर दवाइयों की उपलब्धता पर विशेष ध्यान दिया जाना है.
सपोर्ट सर्विस को बेहतर करने पर होगा जोर:
सीएस डा.सुनील कुमार झा ने कहा कि जिला अस्पतालों में चिलित्स्कीय सेवा को बेहतर करने के साथ सपोर्ट सर्विस को भी बेहतर करने पर भी जोर दिया जा रहा है. जिसमें सुरक्षा दृष्टिकोण से अस्पतालों में सीसीटीवी कैमरा तथा राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानकों के मुताबिक मरीजों व उनके स्वजनों की सुविधा के लिए वेटिंग रूम, लांड्री की व्यवस्था, पीने का पानी एवं शौचालय की व्यवस्था के अलावा अन्य रख-रखाव को सुदृ़ढ़ करना शामिल होगा. साथ ही प्रसव कक्ष, एनएनसीयू, ओपीडी, इमरजेंसी रूम एवं एम्बुलेंस में फ़ोन कनेक्टिविटी को सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं. वहीं, पूर्व से ही जिला अस्पताल में दीदी की रसोई योजना की शुरूआत की गयी है. अब इसे और बेहतर करते हुए इसकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर बल दिया जाएगा. बैठक में सिविल सर्जन डॉ सुनील कुमार झा, राज्य स्तरीय टीम के सदस्य मनोज कुमार साफी, प्रकाश रंजन डीपीएम डा. दयाशंकर निधि एवं अस्पताल प्रबंधक अब्दुल मजीद उपस्थित रहे।
