नेशनल प्रोग्राम फॉर प्रीवेंशन एंड कंट्रोल ऑफ कैंसर, डायबिटीज, कार्डियो वैस्कुलर डिजीज और स्ट्रोक्स (एनपीसीडीसीएस)
कार्यक्रम के अंतर्गत कोविड केयर सेंटर रामपट्टी में गैर संचारी रोगों को लेकर चार दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। जिसमें प्रथम दिन एमओआईसी, एनसीडी नोडल ऑफिसर व कम्युनिटी हेल्थ ऑफीसर ( सीएचओ) को लोगों को 29 नवंबर को यह प्रशिक्षण जिले के सभी अनुश्रवण एवं मूल्यांकन सहायक व डाटा एंट्री ऑपरेटर को, 30 नवंबर को सभी बीसीएम तथा बीएचएम को तथा 1 दिसंबर को स्टाफ नर्स एएनएम (एपीएससी/एचडब्ल्यूसी) प्रशिक्षण दिया गया, जिसका गुरुवार को समापन हो गया। जिसमें राज्य स्तर से आए टाटा ट्रस्ट के ट्रेनर रोशन कुमार को एनसीडीओ डॉक्टर एस.पी. सिंह के द्वारा मिथिला परंपरा अनुसार पाग एवं दुपट्टा से सम्मानित किया गया।
विदित हो कि स्वास्थ्य विभाग के द्वारा एनपीसीडीएस (कैंसर मधुमेह हृदय रोग और स्ट्रोक की रोकथाम के नियंत्रण के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम) के अंतर्गत पॉपुलेशन बेस्ड मास स्क्रीनिंग फॉर एनसीडी के तहत 30 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के जिले के लोगों का एनसीडी स्क्रीनिंग किया जाता है, जिसके तहत कैंसर मधुमेह हृदय का रोग और लकवा आदि के मरीजों की लक्षणों व सामान्य जांच के आधार पर ऐसे मरीजों को चिन्हित किया जाना है गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों को स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंचा कर इलाज में मदद करना है। आशा कार्यकर्ता एचडब्ल्यू, एपीएचसी के अंतर्गत कार्य क्षेत्र में प्रत्येक परिवारों का फैमिली फोल्डर एवं परिवार के 30 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के सभी व्यक्तियों का सी-बैक फॉर्म के रूप में भरना है। प्रशिक्षण के दौरान इन सभी कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया गया।
मरीजों का डाटा बनाने की दी जानकारी :
कार्यशाला के दौरान एनसीडी के अंतर्गत आने वाले सभी गैर-संचारी रोगों से पीड़ित व्यक्तियों का रिकॉर्ड रखना व उनका फार्म भरना अपने क्षेत्र में स्वास्थ्य परीक्षण करना, आशाओं का सहयोग करना आदि विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान सभी प्रशिक्षणार्थी को अपने क्षेत्र में एनसीडी के अंतर्गत आने वाले सभी रोगों को लेकर आम जनमानस में जागरूकता बढ़ाने का निर्देश दिया और मरीज को चिन्हित कर उनकी उच्च रक्तचाप व मधुमेह की स्क्रीनिंग कर मरीजों को बेहतर इलाज करने व उनका डाटा बनाने को लेकर जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि मधुमेह, उच्च रक्तचाप, कैंसर, दमा, हृदय रोग, लकवा ऐसी बीमारियां हैं। जिन्हें अगर एएनएम स्तर पर ही स्क्रीन कर लिया जाए, तो उनका बेहतर इलाज आज संभव है।
प्रशिक्षण के दौरान एसीएमओ डॉ. आर.के. सिंह, एनसीडीओ डॉ. एस.पी. सिंह, सीडीओ डॉक्टर जीएम ठाकुर, डीपीसी पंकज कुमार, एफएलसी लक्ष्मीकांत झा सहित अन्य कर्मी उपस्थित थे।
