- खाद कलाबाजारी कराने की इनकी भूमिका पर कृषि पदाधिकारी पर एफआईआर की मांग
- दो सालों से खाद माफियाओ को संरक्षण का किसानों ने लगाया आरोप
- ट्रैक्टरों से समाहरणालय पहुंचे है जिलेभर के किसान
- आंदोलन कंट्रोल के लिए पुलिस लाइन से बुलाया गया पुलिस फोर्स
- किसानों को नहीं मिल रहा बीज, दोगुने कीमत में खरीदनी पड़ रहा खाद
अवैध गोदामों हजारों टन खाद डंप में कृषि अधिकारियों की मिली भगत के खिलाफ मधुबनी समाहरणालय के सामने धरना पर पूर्व मुखिया अनिल कुमार मिश्र, अनिल सिंह, मोहम्मद कुद्दुश, मोहम्मद साबिर, मोहम्मद आबिद मोहम्मद वकील, कमरे आलम, जय नारायण यादव समेत सैकड़ों किसानों ने बताया कि यदि सुधार नहीं हुआ, तो जिला कृषि पदाधिकारी सहित सभी कृषि अधिकारी को नजरबंद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब तक कृषि पदाधिकारी बर्खास्त नहीं होते हैं, अपना आंदोलन खत्म नहीं करेंगे।
इस मौके पर बड़े नेता अनिल सिंह, विश्वंभर कामत, राजा ठाकुर, मनीष कुमार सिंह, पंकज सिंह दिगंबर, लक्ष्मीपुर पैक्स अध्यक्ष नंदकिशोर यादव, सुशील यादव, हरिराम यादव, गणेश यादव, रामपुकार यादव, रमाकांत यादव, रामवृक्ष यादव, राधे कृष्ण यादव, शिव प्रसाद यादव, काली प्रसाद यादव, विजय कृष्ण, मोहम्मद साबिर, मोहम्मद आलम, मोहम्मद वकील सहित हजारों किसान पहुंचे हुए हैं।
धरना स्थल पर प्रदर्शनकारियों ने कहा कि 2 सालों से माफियाओं को कृषि पदाधिकारी संरक्षण दे रहे हैं आधे दर्जन से अधिक अवैध गोदामों को पिछले साल भी सीन किया गया इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस साल भी जिले के दर्जनों अवैध गोदामों में खाध भरा हुआ है। और किसानों को दोगुने कीमत में लेना पड़ रहा है । जो भी सरकारी दुकान है वहां पर किसानों को खाद नहीं मिल रहा है और अवैध दुकानों में खाध को बेचा जा रहा है । बड़ा खुलासा जिला कृषि पदाधिकारी से हो सकता है । क्योंकि खाद के ट्रांसपोर्टेशन के सभी वाहनों में जीपीएस लगे होते हैं ।जिला कृषि पदाधिकारी को तत्काल बर्खास्त किया जाए। प्राथमिकी दर्ज की जाए वक्ताओं ने कहा कि इसमें जो भी पदाधिकारी है उनको तत्काल गिरफ्तारी हो।
कृषि पदाधिकारियों की भूमिका को लेकर किसानों में जबरदस्त आक्रोश है मधुबनी में खेती को चौपट करने का आरोप कृषि अधिकारियों पर लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक दिवसीय प्रदर्शन के माध्यम से प्रशासन और सरकार को चेताया जा रहा है । यदि कृषि पदाधिकारी बर्खास्त नहीं होते हैं और माफियाओं की गिरफ्तारी नहीं होती है तो जिला कृषि पदाधिकारी सहित सभी कृषि अधिकारियों को नजरबंद कर दिया जाएगा । और इसके लिए जिला प्रशासन और सरकार पूरी तरह जवाब दे होगी। क्योंकि किसान को न खाद मिल रहा है और न बीज मिल रहा है खेती पूरी तरह चौपट होती जा रही है इसके लिए केवल कृषि पदाधिकारी जवाब दे हैं।
प्रदर्शनकारी समाहरणालय के सामने किसी पदाधिकारियों के साथ जमकर नारेबाजी की और इनके उग्र तेवर को देखते हुए पुलिस लाइन से भारी संख्या में पुलिस फोर्स को बुलाया गया है पुलिस फोर्स की टीम में अश्रु गैस के साथ भी मुस्तैद किया गया है। ताकि किसी प्रकार की अनहोनी और हिंसक वारदात को कंट्रोल किया जा सके।
