मधुबनी जिले के खुटौना प्रखंड क्षेत्र के भारत नेपाल सीमा पर तैनात 18वीं वाहिनी एसएसबी “ए” कंपनी अरनामा परिसर में कमांडेन्ट अरविंद वर्मा के निर्देशानुसार कंपनी कमांडर निरीक्षक नीतीश कुमार के नेतृत्व में उत्क्रमित मध्य विद्यालय अरनामा परिसर में रामा फाउंडेशन बेनीपट्टी,(मधुबनी) के द्वारा 21 दिवसीय निःशुल्क मोबाईल रिपेरिंग प्रशिक्षण दिया गया। इस मोबाइल रिपेयरिंग प्रशिक्षण में मोबाईल रिपेरिंग का बेसिक और बेसिक इलेक्ट्रॉनिक का प्रशिक्षण छात्रों को दिया जायेगा। हालांकि इसकी जानकारी इलेक्ट्रॉनिक्स, इंजीनियरिंग से आने वाले छात्रों को पहले से ही इस तरह के मॉड्यूल कि जानकारी होती हैं।
इस यूनिट में निम्नलिखित टॉपिक हैं :-
मोबाईल कम्युनिकेशन का बेसिक
डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक्स
विभिन्न मोबाइल फोन असेंबलिंग और दिसेम्बलिंग
मोबाइल रिपेरिंग में इस्तेमाल होने वाले औजारों और उपकरणों का अध्यन
मोबाइल फोन के पार्ट्स का अध्ययन
मल्टीमीटर का अध्ययन
मल्टीमीटर का उपयोग कैसे करें
डीसी पवार सप्लाई का अध्ययन
वहीं दूसरे फेज में हार्डवेयर रिपेरिंग
इस यूनिट में सेल फोन का हार्डवेयर को ठीक करने संबंधित जानकारी दिया जाएगा। इसमें छात्रों को गैजेट के इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स को बदलने और संभावन शिखया जाएगा।
रामा फाउंडेशन, बेनीपट्टी(मधुबनी) के द्वारा वर्ष- 2022-23 के अंतर्गत सीमा क्षेत्र में जीवन यापन करने वाले लोगों को नागरिक कल्याण के तहत मोबाईल रिपेरिंग प्रशिक्षण दिया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 22 फरवरी से लेकर 14 मार्च तक सुचारू रूप से चलाई जायेगी और यह प्रशिक्षण पूर्ण होने पर प्रशिक्षित युवकों को मोबाइल रिपेयरिंग से संबंधित प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा, जिससे अपना स्वरोजगार को बढ़ाने में कारगर साबित होगा। वही इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में सीमा क्षेत्र के 40 बेरोजगार युवकों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। वहीं, एसएसबी के द्वारा नागरिक कल्याण के तहत सीमा क्षेत्र बसे बेरोजगार युवकों एवं युवतियों ने इस प्रशिक्षण से लाभान्वित होकर इस मोबाइल प्रशिक्षण से अपने बेरोजगारी को दूर करेंगे। इस कार्यक्रम के अवसर पर 18वीं वाहिनी एसएसबी के “ए” कंपनी अरनामा के कंपनी कमांडर निरीक्षक नीतीश कुमार ने कार्यक्रम में उपस्थित एवं प्रशिक्षण में भाग ले रहे सभी बेरोजगार युवकों अभिभावकों एवं स्थानीय पदाधिकारियों एवं अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि इस कौशल विकास कार्यक्रम को चलाने का मेरा मुख्य उद्देश्य है, देश के सीमावर्ती क्षेत्रों के युवकों को स्वावलंबी बनाना हैं, साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि विगत वर्षों में 18वीं वाहिनी एसएसबी समय-समय पर आयोजित कौशल विकास कार्यक्रम के तहत अलग-अलग कोर्स कराये जा चुके है, जिसमे लाभान्वित सीमावर्ती क्षेत्रों के युवकों को अलग-अलग क्षेत्रों में रोजगार मिला है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अनवरत रूप से जन सरोकार तथा आम जनता के हित के लिए सदैव प्रयत्नशील रही हैं।
वहीं फाउंडेशन के निदेशक दिवेश मिश्रा ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि उनके द्वारा दिये गए मोबाइल प्रशिक्षण कोर्स में शामिल युवकों भविष्य मे अच्छा रोजगार मिल सकेगा। सीमा क्षेत्र में जीवन यापन कर रहे छात्र/छात्राओं को यह प्रशिक्षण सरकारी सेवा में नियुक्त होने से बंचित रह जाते है, उनके लिए यह अभियान मिल का पत्थर साबित हो सकता है, साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि इस जागरूकता अभियान का मुख्य उद्देश्य यह है कि बॉर्डर क्षेत्र में अपना जीवन यापन के लिए सरकार के द्वारा प्रतिबंधित पदार्थों को तस्करी करने के लिए मजबूर होते हैं। तो इस दबे-कुचले परिवार जो मजबूर होते है, जिन्हें अपने बच्चों के भविष्य के लिए धन के अभाव में पढ़ाई के जगह तस्करी जैसे अपराध करने के लिए कदम उठाने पर उताबले होते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि एसएसबी का हमेशा से मोटो रहा है “सेवा, सुरक्षा और बन्धुत्व” यह अभियान शिक्षा ग्रहण करने वाले लड़के नहीं, बल्कि बॉर्डर क्षेत्र में गुजर-बसर कर रहे पूरे सामाज के लिए बरदान साबित हो सकती हैं।
इस मौके पर “ए” कंपनी अरनामा के कंपनी कमांडर नीतीश कुमार, रामा फाउंडेशन के निदेशक दिवेश मिश्रा, वासुदेव पुर पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि योगेंद्र साह,रामा फाउंडेशन के जिला कॉर्डिनेटर प्रकाश यादव समेत एसएसबी के कई अन्य आलाधिकारियों ने बढ़-चढ़ कर हिसा लिए।

