मधुबनी के जेएमडीपीएल महिला महाविद्यालय के सभागार में “विविधतापूर्ण भारतीय समाज में राष्ट्रीय साँस्कृतिक एकता के लिए साँस्कृतिक राष्ट्रवाद की आवश्यकता” विषय पर सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलित कर की गई। बिहार सरकार के उद्योगमंत्री सह स्थानीय विधायक समीर कुमार महासेठ, प्रधानाचार्य डॉ. मीना प्रसाद, बी.एन. मण्डल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. आर.पी. श्रीवास्तव, आइसीपीआर, नई दिल्ली के पूर्व सदस्य सचिव डॉ. एम.पी. सिंह एवं कार्यक्रम के संयोजक डॉ. विनय कुमार दास ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित किया। अतिथियों का स्वागत भाषण प्रधानाचार्य डॉ. मीना प्रसाद द्वारा किया गया। उद्घाटन भाषण देते हुए मंत्री समीर कुमार महासेठ ने कहा देश की एकता और अखंडता के लिए साँस्कृतिक राष्ट्रवाद बहुत जरूरी है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि बिहार को राष्ट्रगुरु बनाए बिना भारत को विश्वगुरु नहीं बनाया जा सकता।
बी.एन. मण्डल विश्वविद्यालय, मधेपुरा के पूर्व कुलपति डॉ. आर.पी. श्रीवास्तव ने कई उदाहरण पेश करते हुए देश में साँस्कृतिक राष्ट्रवाद की आवश्यकता पर बल दिया। बीज भाषण देते हुए आइसीपीआर, नई दिल्ली के पूर्व सदस्य सचिव एवं प्रयागराज से आए डॉ. एम.पी. सिंह ने साँस्कृतिक राष्ट्रवाद के लिए अपनी भाषा और संस्कृति से लगाव बढ़ाने और हर क्षेत्र की विविधताओं को समझकर उसका सम्मान करने की बात कही।
कार्यक्रम को महाविद्यालय की छात्राओं के अतिरिक्त संदीप कुमार श्रीवास्तव ने भी संबोधित किया। मंच संचालन सेमिनार के संयोजक डॉ. विनय कुमार दास द्वारा किया गया। महाविद्यालय कर्मियों के अतिरिक्त शहर के कई प्रबुद्ध नागरिकों ने भी सेमिनार में अपनी उपस्थिति दी।

