मधुबनी जिलाधिकारी अरविन्द कुमार वर्मा की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में जिला स्तरीय पोषण समिति की बैठक आयोजित हुई।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी द्वारा जिले भर में आयोजित पोषण पखवाड़ा (20 मार्च से 03 अप्रैल 2023) के सफल आयोजन के लिए व्यापक दिशा निर्देश दिए गए।
उपस्थित अधिकारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आधुनिकता के प्रभाव में आकर लोग अब अपने गांव घर में उपजने वाले अनाज जैसे मरूआ, कौनी, चीना, कोदो, ज्वार, बाजरा आदि से दूर होते जा रहे हैं। जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाले अनुसंधान बताते हैं कि ये मोटे अनाज जिसे सरकारी स्तर पर श्री अन्न अथवा अंग्रेजी में मिलेट भी कहते हैं, का हमारे स्वास्थ्यवर्धन में अत्यंत गुणकारी महत्व है।
आज यही अनाज मंहगे दामों पर खूब प्रचार प्रसार कर बेचे जा रहे हैं, जबकि ये सब स्थानीय स्तर पर हमेशा से सर्वसुलभ रहे हैं। जो अब दुर्लभ से हो चले हैं। ऐसे में, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा समूचे पोषण पखवाड़े को श्री अन्न (मिलेट) को खान पान में अपनाने और और इस दौरान समग्र रूप से व्यक्तिगत और सामुदायिक स्तर पर व्यवहार परिवर्तन के माध्यम से गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं, किशोरियों और 6 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में पोषण स्तर में अपेक्षित सुधार लाने हेतु जनभागीदारी से गतिविधियों का आयोजन कर इसे जन जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
इस वर्ष पोषण पखवाड़ा का लक्ष्य श्री अन्न (मिलेट) के स्वास्थ्य लाभों और कठोर जलवायु की परिस्थितियों में भी श्री अन्य (मिलेट) की खेती की उपयुक्तता के बारे में जन जागरूकता बढ़ाना है।
जिलाधिकारी द्वारा पोषण पखवाड़ा के सफल क्रियान्वयन हेतु जिला स्तर से विभिन्न संबंधित विभागों द्वारा आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की तिथि वार निर्धारित सूची के शत प्रतिशत अनुपालन करने एवं इससे संबंधित फोटोग्राफी और लिखित विवरणी भी प्रेषित करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस संदर्भ में व्यापक निर्देश देते हुए उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को जिले की सभी पीएचसी, एचएससी पर पोषण के प्रति जागरूकता फैलाने वाले कार्यक्रम, सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर गर्भवती, धात्री महिलाओं के लिए श्री अन्न (मिलेट) केंद्रित आहार परामर्श शिविर का आयोजन, विभिन्न आवासीय विद्यालयों में एनीमिया जांच शिविर का आयोजन एवं श्री अन्न (मिलेट) को खानपान में शामिल करने हेतु प्रचार प्रसार, योग एवं स्वास्थ्य बिंदु पर कार्यशाला एवं योगाभ्यास सत्र का आयोजन, साथ ही बेहतर स्वास्थ्य एवं पोषण हेतु स्थानीय स्तर पर उपलब्ध औषधीय पौधों के उपयोग एवं महत्ता के संबंध में प्रचार प्रसार करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कृषि विभाग को निर्देश देते हुए कहा है कि जिले में श्री अन्न (मिलेट) के उत्पादन उपभोग एवं विपणन को बढ़ावा देने वाले कार्यक्रमों का आयोजन किया जाए। उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र की भूमिका को रेखांकित करते हुए इस संदर्भ में चर्चा एवं बैठकों के आयोजन के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी द्वारा ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत आने वाले जीविका समूह के माध्यम से जन जन तक श्री अन्न (मिलेट) के संवेदीकरण के लिए विभिन्न प्रकार के आयोजनों पर बल दिया। उन्होंने शिक्षा विभाग को निर्देश दिया कि किशोरी बालिकाओं के खानपान में श्री अन्न (मिलेट) को शामिल करने हेतु जागरूकता बढ़ाने के लिए सभी विद्यालयों में होने वाले चेतना सत्र में विशेष चर्चा का आयोजन किया जाए। साथ ही, किशोरियों की स्वच्छता एवं पोषण विषय पर निबंध, चित्रकारी, रंगोली, भाषण प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाए। उन्होंने पंचायती राज विभाग को निर्देश दिया कि पोषण एवं स्वास्थ्य विषय पर पंचायत स्तरीय संध्या बैठक का आयोजन किया जाए। उन्होंने आम जनों में योग एवं आयुष को दिनचर्या में शामिल करने हेतु चर्चाओं को बढ़ावा देने एवं श्री अन्य मिनट को खानपान में शामिल करने के लिए इसके महत्व पर विशेष चर्चा हेतु विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन के निर्देश दिए हैं उन्होंने श्री अन्न (मिलेट) के प्रचार प्रसार के लिए जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक नुक्कड़ नाटक, संगोष्ठी, युवा समूह के बैठकों के माध्यम से जागरूकता फैलाने के निर्देश भी दिए हैं।
उक्त अवसर पर जानकारी देते हुए जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, आईसीडीएस, कविता कुमारी ने बताया कि जिले के सभी क्षेत्रों में जन जागरूकता के उद्देश्य से वॉटसन स्कूल मधुबनी से उप विकास आयुक्त विशाल राज एवं अपर समाहर्ता नरेश झा द्वारा जन जागरूकता…
