हरलाखी,मधुबनी।
मधुबनी जिले के हरलाखी प्रखंड के खिरहर पंचायत के किसानों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले दिनों सिंचाई की समस्या से जूझने वाले किसान अब खाद की कालाबाजारी की समस्या से जूझ रहे है। विक्रेता यूरिया खाद की कमी बताकर किसानों को 266 के बजाय 350 रुपये बोरी बेच रहे हैं, जिससे किसानों की परेशानी बढ़ गई है। धान की सोहनी के बाद किसानों को खेत में खाद डालने की आवश्यकता है। ऐसे में किसान मूल्य से अधिक दरों पर खाद खरीदने को मजबूर है। किसानों को इस बात की चिंता सता रही है कि अगर समय पर फसल में खाद नहीं डाला, तो उपज प्रभावित होगी। यहां के किसान खेती के बल पर ही घर के सारे कार्यों का निपटारा करते हैं। मो० यूनुस, मो० वकील, गनौर पासवान, रोहित पासवान, मो० इसराइल, रामलखन पासवान सहित अन्य किसानों ने बताया की बच्चों की पढ़ाई, बीमार सदस्यों की दवाई, परिवार के सदस्यों की साल भर का कपड़ा, दो व्यक्त का भोजन तथा घर का अन्य खर्च खेती के बल पर ही चलता है। अगर फसल मार खा गई तो किसानों के सारे उम्मीद पर पानी फिर जाएगी। किसानों का कहना है कि प्रखंड से लेकर जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग के अफसरों की अनदेखी के कारण दुकानदार खाद की कमी बताकर हम किसानों को अधिक दाम पर बेच रहे हैं। निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर खाद की बिक्री होने से हम किसानों को आर्थिक क्षति हो रही है। किसानों ने बताया बाध्य होकर 350 रूपये बोरी यूरिया खाद खरीदनी पड़ी, क्योंकि अगर समय से खाद की छिड़काव खेत में नहीं किए तो फसल मार खा जाएगी।
वही इस मामले को लेकर समाजसेवी सह पंचायत समिति सदस्य शशांक शेखर ने कहा की पंचायत में खाद की कालाबाजारी जोड़ो पर की जा रही है, जिसकी शिकायत ग्रामीणों के द्वारा मिला है। हमने इस संबंध में डीडीसी को दूरभाष के माध्यम से जानकारी दे दिए है, ऐसे लोगों पर जल्द करवाई होगी।
वही इस सम्बन्ध में प्रखंड विकास पदाधिकारी ने बताया की कोर्डिनेटर को भेज कर जाँच करवाते है, लेकिन खबर लिखे जाने तक कोई भी पदाधिकारी जाँच करने नहीं पंहुचा था।
