- प्रमुख ने डीओ पर लगाई रिश्वत लेते लेकर शिक्षकों के समायोजन को रद्द करने का आरोप
- जनप्रतिनिधियों ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
मधुबनी जिले के हरलाखी प्रखंड के मुखिया, पंचायत समिति सदस्य व सामाजिक संगठनों के कई गणमान्य लोगों ने बार-बार शिक्षकों का समायोजन पत्र को रद्द करने को लेकर डीओ मधुबनी के विरुद्ध रोषपूर्ण प्रदर्शन व नारेबाजी किया है, साथ ही प्रखंड प्रमुख ने डीओ पर रिश्वत लेकर शिक्षकों का समायोजन को रद्द करने का आरोप भी लगाया है।
दरअसल इस मामले को लेकर शनिवार को प्रखंड प्रमुख गोपाल दास की अध्यक्षता में प्रखंड के सभी मुखिया, पंचायत समिति सदस्य व सामाजिक संगठन के कार्यकर्ताओं के साथ प्रखंड के टीपीसी भवन में संयुक्त बैठक आयोजित की गयी, जहां बैठक में डीओ मधुबनी के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। फिर से बैठक की समाप्ति के बाद मुखिया व पंचायत सदस्यों ने प्रखंड मुख्यालय पर डीओ के खिलाफ रोषपूर्ण प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रमुख ने बताया कि करीब तीन माह पूर्व नियोजन समिति इकाई का प्रखंड अध्यक्ष होने के नाते हमने 11 शिक्षकों का समायोजन करने का प्रस्ताव डीओ को भेजा था, जिसे डीओ ने रद्द कर दी। फिर प्रखंड में शिक्षा व्यवस्था सुदृष्ट करने के उद्देश्य से पंसस की बैठक में सदन में समायोजन का सहमति बनीं और प्रस्ताव पारित किया गया। उसके बाद डीओ को भेजा गया, जिसे नवंबर माह में डीओ ने पत्र के माध्यम से सभी 11 शिक्षकों को समायोजन करने का आदेश दे दी। लेकिन शिक्षक संघ से साठगांठ कर रिश्वत लेकर पुनः पत्र को रद्द कर दिया गया। प्रमुख ने कहा कि इस मामले को लेकर हमलोग डीएम से लेकर राज्य तक जाएंगे, यदि फिर भी समस्याओं का निदान नहीं हुआ तो हमलोग उग्र आंदोलन करेंगे। वहीं मुखिया संघ के अध्यक्ष सह पंचायत नियोजन इकाई के अध्यक्ष रमेश मिश्र, संघ के के सचिव सह झिटकी पंचायत के मुखिया महेश प्रसाद मंडल, संघ के प्रवक्ता डॉ प्रेम कुमार मंडल, एमएसयू जिलाध्यक्ष राघवेंद्र रमन समेत अन्य ने बताया कि डीओ के रवैया से हमलोग नाखुश है। डीओ ने न केवल पंचायती राज व्यवस्था के नियमों का धज्जियां उड़ायी है बल्कि छात्रों के जीवन से खिलवाड़ भी किया गया है।
इस मौके विसुन मंडल, उषा देवी, दुर्गा राम, रेखा देवी, रंजीत मेहता, मो. इब्राहिम अंसारी, रंजीत कुमार, सुधीर देवी, अमना खातून, राम चन्द्र साह, अंशु कुमार, राघवेन्द्र रमण, यदुवीर साह, प्पंचलाल महतो, सीता देवी, संजू कुमारी, फरत खातून, शिवचंद्र मिश्रा, चंदन ठाकुर समेत दर्जनों जनप्रतिनिधियों ने डीओ के विरुद्ध आक्रोश व्यक्त किया।
