ग्राम रक्षा दल के जिलाध्यक्ष ने कहा प्रशासन ने किया मानवाधिकार का उल्लंघन।
हरलाखी।
जब से प्रशासन द्वारा हरलाखी के भूमिहीन प्रमोद चौरसिया के घर तोड़कर अतिक्रमण ख़ाली कराया गया है, तब से ही विस्थापित परिवार के प्रति समाजसेवीयो और अन्य संगठनों का संवेदना बढ़ने लगा है।मधुबनी न्यूज़ एवं अन्य दैनिक अख़बार इस खबर को प्रमुखता से लगातार दिखा रही है। इसी आलोक में बेनीपट्टी एसडीओ के आदेश पर जाँच शुरू कर दी गई। मीडिया में खबर आने के बाद राजस्व अधिकारी नीलेश कुमार अंचल कर्मी के साथ प्रमोद चौरसिया के घर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी।
ग्राम रक्षा दल के ज़िला अध्यक्ष धर्मेंद्र दास ने पीड़ित परिवार से मिलकर हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है। ज़िलाध्यक्ष ने इस करवाई पर प्रशासन की नाकामी बताया है और कहा है कि इस भारी ठंडी में पीड़ित परिवार के ऊपर पहाड़ का संकट आ पड़ा है। जो खुले आसमान के नीचे घुटघुट कर जीने को विवश है। उन्होंने यह भी कहा कि अतिक्रमण हटाना अच्छी बात है, इसका पालन भी होना चाहिए। लेकिन अतिक्रमण हटाने से पहले प्रशासन को चाहिए था की उस परिवार को कही सुरक्षित स्थान पर रखने का समुचित व्यवस्था करे।
क्योंकि क्षेत्र में बलात्कार, लूट और हत्याएँ जैसी घटना अमूमन देखने को मिलता रहता है। पीड़ित परिवार को किसी अप्रिय घटना का डर सता रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन मानवाधिकार का उल्लंघन कर रहे है। यदि प्रमोद चौरसिया के पास ज़मीन है तो दिखाया जाय और नहीं है तो जल्द से जल्द पर्चा काटकर जमीन मुहैया कराया जाय। ताकि विस्थापित परिवार अपना जीवन यापन कर सके।
आपको बता दें की प्रमोद चौरसिया का 10 सदस्यीय परिवार है, जिसमे 6 बेटी ही है। जल जीवन हरियाली के तहत उच्च न्यायालय के आदेश पर हरलाखी थाना के सामने अतिक्रमण को हटाने के दौरान प्रमोद चौरसिया बेघर हो गया। जिसे जमीन और आर्थिक सहयोग की दरकार है। हालाकि अंचल प्रसाशन ने पीड़ित परिवार को अंचल कार्यालय में अपनी समस्या को लेकर आवेदन करने की बात कही है। ताकि जांच कर सहयोग दिया जा सके।
इस संबंध में राजस्व अधिकारी निलेश कुमार ने कहा है कि उक्त परिवार के तरफ़ से अभी तक कोई आवेदन भी नहीं दिया गया है। यदि प्रमोद चौरसिया ख़ुद की ज़मीन बेच लिए है तो साक्ष्य के साथ अंचल कार्यालय में आवेदन करे, ताकि जाँच कर आगे की करवाई के लिए वरीय अधिकारी को लिखा जायेगा और भूमिहीन साबित होने पर वरीय अधिकारी के अनुशंसा पर भूमि उपलब्ध कराया जाएगा।
