रामायण में जिक्र के बावजूद सरकार कर रही इस क्षेत्र की उपेक्षा :- राघवेंद्र रमन
मधुबनी जिले के हरलाखी प्रखण्ड अंतर्गत फुलहर गांव स्थित गिरिजा माई स्थान व विशौल गांव स्थित विश्वामित्र आश्रम रामायण सर्किट से जुड़े होने के बाबजूद वर्षों से उपेक्षित इन देव स्थलों की संपूर्ण विकास हेतू एमएसयू के द्वारा वैदेही मैराथन दौड़ का आयोजन किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य सरकार को इस ओर ध्यान आकृष्ट करना बताया गया है।
शनिवार की सुबह आयोजित मैराथन दौड़ में शामिल सभी प्रतिभागियों को बीडीओ कृष्ण मुरारी समेत अन्य गणमान्य लोगों के द्वारा फुलहर गिरिजा स्थान से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह मैराथन दौड़ गिरिजा माई स्थान से विश्वामित्र आश्रम तक कुल 12 किलोमीटर की दूरी का रखा गया था, जिसमें जिला समेत बिहार के कोने कोने व यूपी के युवक भी भाग लेने पहुंचे हुए थे। इसमें कुल 58 युवक ने भाग लिया। सभी प्रतिभागियों के लिए रास्ते में जगह-जगह मेडिकल कैम्प व पानी का बोतल का व्यवस्था थी, साथ ही सुरक्षा के दृष्टिकोण से एम्बुलेंस को भी तैयार रखा गया था। मैराथन दौड़ में सबसे पहला स्थान यूपी के बालिया जिला अन्तर्गत गडवार थाना क्षेत्र के सवन गांव निवासी सुलभ चंद्रा को प्रथम पुरस्कार दिया गया। जिन्होंने 40 मिनट 12 सेकेंड में महज 12 किलोमीटर की दौड़ लगाकर सबसे पहला स्थान लाया। वहीं दूसरा स्थान यूपी के ही बालियां जिला अंतर्गत नगरा थाना क्षेत्र के अतरौली गांव निवासी सोनू चौहान ने लाया, जबकि तीसरे नंबर पर सीतामढ़ी जिला के सिदार्थ चौधरी व चौथे नम्बर पर सीतामढ़ी के ही वैद्यनाथ कुमार रहे। इसी प्रकार पांचवा स्थान, दुर्गापट्टी के ललन कुमार, छठे नंबर पर गंगौर के चंदन कुमार, सातवें पर हरलाखी के मो. रकीव, आठवें पर पिपरौन के आलोक कुमार, नौवें पर उमगांव के फेकू कुमार, दसवें पर गंगौर के रूपेश कुमार, फिर चंदन महतो, बारहवें पर फुलहर के बलराम साह, तेरहवें पर विशौल के धर्मेन्द्र महतो व चौदहवें स्थान गंगौर के ओमप्रकाश ने लाया।
इन सभी चौदह प्रतिभागियों को अतिथियों के हाथों पुरस्कृत किया गया।
इस अवसर पर विश्वामित्र आश्रम परिसर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं के रूप में एफसीसी अध्यक्ष भूषण यादव, अंशू कुमार, डॉ. संतोष सिंह कुशवाहा, पंसस संतोष कामत, चंदन ठाकुर, आश्रम के महंत ब्रज मोहन दास, संतोष कुमार महतो समेत अन्य ने वैदेही मैराथन दौड़ के आयोजक एमएसयू जिलाध्यक्ष राघवेंद्र रमन के कार्यो को सराहना करते हुए कहा कि इस मैराथन दौड़ के माध्यम से सरकार तक यह संदेश जाएगा कि मिथिला की यह वही धरती है, जहां भगवान श्रीराम और जगत जननी माता सीता का पहला मिलन फुलहर में हुआ था। यह वहीं धरती है जहां गिरिजा माई को पूजा करने माता सीता नित्य दिन आया करती थी। यह वहीं आश्रम है, जब भगवान राम को गुरु वशिष्ठ धनुष यज्ञ में लाए थे, तो जनक जी ने इसी विशौल की धरती पर सुंदर सदन में ठहरने का व्यवस्था किए हुए थे और यही से गुरु पूजन के लिए फुलहर गांव स्थित जनक की फुलवारी में भगवान गए हुए थे, जहां माता सीता से पहला मिलन हुआ था। वक्ताओं ने कहा कि इन स्थलों का ज़िक्र रामायण में भी है, लेकिन बहुत दुख कि बात है कि यह स्थल आज विरान होती जा रही है। वक्ताओं ने इन स्थलों का सम्पूर्ण विकास करने एवं जल्द से जल्द पर्यटन स्थल बनाने का मांग सरकार से किया है।
वहीं मुख्य अतिथि के रूप में बीडीओ कृष्ण मुरारी, बीपीआरओ अमित अक्षय मिश्रा, राजस्व अधिकारी नीलेश कुमार व मनरेगा पीओ कृपा शंकर झा ने सभी प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए उनके मनोबल को बढ़ाया और उज्ज्वल भविष्य का कामना की, साथ ही पदाधिकारियों ने आश्वासन दिया कि अपने स्तर से भी प्रयास किया जाएगा कि जितना जल्द इन स्थलों का विकास हो सकें।
कार्यक्रम की शुरूआत सभी अतिथियों को पाग व दोपटा से स्वागत के साथ किया गया।
इस मौके पर पर विमलेश कुमार, राघवेश चौरसिया, कर्मवीर खां, रंजीत ठाकुर, श्याम पासवान, विशेश्वर महतो, पंचलाल महतो, भोपेन्द्र लाल कर्ण, विक्की दुबे, पंकज झा समेत सैकड़ों लोगों ने इस मैराथन दौड़ के माध्यम से इन स्थलों की ओर ध्यान देने का गुहार सरकार व उनके स्थानीय प्रतिनिधि से ही किया है।
